Daily Current Affairs (Hindi) - 04.08.2018

राष्ट्रीय

केंद्र सरकार ने सेवा भोज योजना शुरू की

केंद्रीय संस्‍कृति मंत्रालय ने परोपकारी धार्मिक संस्‍थानों का वित्‍तीय बोझ कम करने के लिए ‘सेवा भोज योजना’ नामक नई योजना शुरू की है।वित्‍त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए इस योजना का कुल परिव्यय 325 करोड़ रुपये है.

वर्तमान परिप्रेक्ष्य: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक नई योजना ‘सेवा भोज योजना’ (Seva Bhoj Yojana) शुरू की गई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 के लिए योजना का कुल परिव्यय 325 करोड़ रुपये का होगा।यह एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है।

उद्देश्य: योजना के तहत ‘चैरिटेबल धार्मिक संस्थानों’ द्वारा विशिष्ट अनिर्मित खाद्य वस्तुओं की खरीद पर प्रदत्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) और एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) के केंद्र सरकार के हिस्से को लोगों को निःशुल्क भोजन वितरण हेतु भारत सरकार द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में प्रतिपूर्ति की जाएगी।

विशेषताएं: यह योजना व्यक्तियों/श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन प्रदान करने हेतु धार्मिक संस्थानों द्वारा विशिष्ट अनिर्मित खाद्य वस्तुओं की खरीद पर प्रदत्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर और एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर के केंद्र सरकार के हिस्से की प्रतिपूर्ति के लिए है। योजना के तहत पात्र संस्थानों के लिए ही यह योजना लागू होगी। योजना के तहत गुरुद्वारा, मंदिर, धार्मिक आश्रम, मस्जिद, दरगाह, चर्च, मठ, विहार आदि द्वारा दिए जाने वाले निःशुल्क प्रसाद या निःशुल्क भोजन/लंगर/भंडारा को समर्थन दिया जाएगा। योजनांतर्गत वित्तीय सहायता ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर एक वित्तीय वर्ष में इस उद्देश्य हेतु उपलब्ध कोष से दी जाएगी।

प्रतिपूर्ति के रूप में वित्तीय सहायता धार्मिक संस्थानों द्वारा घी, खाद्य तेल, चीनी/बुर्रा/गुड़, चावल, आटा/मैदा/रवा/सूजी और दालों पर प्रदत्त वस्तु एवं सेवा कर के लिए प्रदान की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2018-19 में खरीद पर प्रतिपूर्ति की जाने वाली केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर और एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर के केंद्र सरकार के भाग की कुल राशि की अधिकतम सीमा वित्तीय वर्ष 2018-19 का 10 प्रतिशत होगी।

वित्तीय सहायता हेतु मानदंड: सेवा भोज योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थानों में निम्नलिखित संस्थान शामिल होंगे

  • धार्मिक एवं चैरिटेबल उद्देश्यों हेतु आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 12AA के प्रावधानों के तहत पंजीकृत या आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(23BBA) के प्रावधानों के तहत आच्छादित सार्वजनिक ट्रस्ट या सोसाइटी या निगमित निकाय या संगठन या संस्थान;
  • धार्मिक एवं चैरिटेबल उद्देश्यों हेतु कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 या कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के प्रावधानों के तहत गठित एवं पंजीकृत एक कंपनी; अथवा
  • धार्मिक एवं चैरिटेबल उद्देश्यों हेतु सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत सोसाइटी।
  • उपर्युक्त संस्थानों को भोजन/प्रसाद/लंगर/भंडारा की निःशुल्क एवं परोपकारी वितरण की धार्मिक तथा चैरिटेबल दोनों गतिविधियों में शामिल होना अनिवार्य है।
  • आवेदन के दिन से न्यूनतम विगत तीन वर्षों से निःशुल्क भोजन, प्रसाद एवं लंगर का वितरण कर रहे संस्थान ही वित्तीय सहायता के पात्र होंगे।
  • संस्थानों को एक कैलेंडर माह में न्यूनतम 5000 व्यक्तियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराना होगा।

अंतर्राष्ट्रीय

चौथे इंडिया इंटरनेशनल फुटवियर फेयर 2018 का उद्घाटन

इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) द्वारा यहां आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय फुटवेयर मेला 2018 के चौथे संस्करण में प्रमुख फुटवेयर ब्रांड रिलेक्सो ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया है। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को इस मेले का उद्घाटन किया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने अंतर्राष्ट्रीय फुटवेयर मेले में अपने ब्रांड्स स्पार्क्‍स, फ्लाइट, बहामास और रिलेक्से के फुटवेयर की श्रृंखला का प्रदर्शन किया है।कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीआईएफआई के उपाध्यक्ष रमेश कुमार दुआ ने कहा, “मैं भारत के सबसे बड़े फुटवेयर मेले में से एक के साथ जुड़कर खुश हूं। इस तरह की बड़े पैमाने पर प्रदर्शनी सरकार और फुटवेयर उद्योग के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया कराती है, जहां साथ साथ आकर क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा करते हैं और श्रेणी की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारियां करते हैं।”

कंपनी के फुटवेयर ब्रांड में शामिल हैं :

स्पार्क्‍स : यह एक लोकप्रिय फुटवेयर ब्रांड है, जिसमें स्टाइलिश स्पोर्टी और कैजुअल जूते, सैंडल और स्लीपर्स शामिल हैं। इस ब्रांड का विज्ञापन अक्षय कुमार करते हैं। इन फुटवेयर्स की रेंज 250 रुपये से शुरू होती है।

फ्लाइट : इस ब्रांड के तहत कंपनी पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए स्लीपर और सैंडल बनाती है। यह ब्रांड समूचे परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। फ्लाइट ब्रांड का विज्ञापन शाहिद कपूर और श्रुति हासन करते हैं। इसके किफायती उत्पादों की रेंज 129 रुपये से शुरू होती है।

बहामास : इस ब्रांड के तहत कंपनी ने रंगी और प्रिंटेट फ्लिप फ्लॉप्स लांच किया है। इस ब्रांड को आज को युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बहामास ब्रांड उन लोगों में प्रसिद्ध हैं, जो प्रयोगधर्मी और मस्ती पसंद होते हैं और जो भीड़ में अलग दिखना पसंद करते हैं। इस ब्रांड का विज्ञापन बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान करते हैं, जो ब्रांड के दर्शन को बखूबी प्रतिबिंबित करते हैं।

रिलेक्सो : इस प्रसिद्ध ब्रांड के तहत कंपनी रबर की चप्पलें बनाती है, जो समाज के सभी खंड के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है।
 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर एएडी का सफल उड़ान परीक्षण

भारत ने स्वदेश-निर्मित एडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का ओडिशा में गरुवार को सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराने में सक्षम है।इस वर्ष किया गया यह तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण है, जिसमें सामने से आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को धरती के वातावरण के 30 किलोमीटर की ऊंचाई के दायरे में सफलतापूर्वक निशाना बनाकर उसे नष्ट किया गया है। परीक्षण के बाद रक्षा सूत्रों ने कहा कि, ''यह एक सीधा निशाना था और यह बड़ी सफलता है।इससे पहले 11 फरवरी और 1 मार्च 2017 को दो परीक्षण किये जा चुके हैं। ये बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं।

चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के प्रक्षेपण परिसर तीन से टारगेट मिसाइल-पृथ्वी मिसाइल दागी गई। सूत्रों ने बताया कि 7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट प्रणोदन निर्देशित यह मिसाइल हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मेकैनिकल एक्टीवेटर वाली दिशा निर्देशन प्रणाली से लैस है। इस मिसाइल का अपना खुद का मोबाइल लांचर है और यह दुश्मन मिसाइल को निशाना बनाने के लिए सुरक्षित डेटा लिंक, आधुनिक राडार और अन्य तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी विशिष्टताओं से युक्त है।

भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम

  • बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाने के लिए भारत द्वारा एक बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करने की एक पहल है
  • मुख्य रूप से पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को देखते हुए इसे शुरू किया गया है
  • इस कार्यक्रम के तहत दो मिसाइल का निर्माण किया गया। ऊचाई की मिसाइल को मार गिराने के लिए पृथ्वी एयर डिफेंस तथा कम ऊचाई की मिसाइल को मार गिराने के लिए एडवांस एयर डिफेंस को विकसित किया गया है।
  • यह दोनों मिसाइल 5000 किलोमीटर दूर से आ रही मिसाइल को मार गिरा सकती है
  • पृथ्वी एयर डिफेंस मिसाइल को नवंबर 2006 तथा एडवांस एयर डिफेंस को दिसंबर 2007 में टेस्ट किया गया था।
  • पृथ्वी एयर डिफेंस मिसाइल के टेस्ट के साथ भारत एंटी बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट करने वाला अमेरिका, रूस तथा इजराइल के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया।
  • इस प्रणाली के टेस्ट अभी भी चल रहे और है आधिकारिक तौर पर इसे सेना में शामिल नहीं किया गया है।

पुरस्कार

भारतीय मूल के गणितज्ञ अक्षय वेंकटेश ने फील्‍ड मेडल 2018 जीता

भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई गणितज्ञ अक्षय वेंकटेश, इस साल के फील्ड मेडल के चार विजेताओं में से एक है। इस फील्ड मेडल को गणित में नोबेल पुरस्कार माना जाता है।नई दिल्ली में जन्में 36 वर्षीय वेंकटेश ने बुधवार को “असाधारण रूप से गणित में विषयों की विस्तृत श्रृंखला का योगदान” के लिए यह सम्मान जीता है।एएफपी ने बताया कि वेंकटेश ने मात्र 13 साल की उम्र में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय में गणित और भौतिकी में अपनी स्नातक की डिग्री शुरू की थी। संयुक्त राज्य अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से वेंकटेश ने नंबर थ्योरी में स्पेशलाइजेशन किया।रियो डी जेनेरो में गणितज्ञों की अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस में उन्हें इस सम्मान से नवाज़ा गया।हर चार साल में 40 साल से कम उम्र वाले 4 बेहतरीन गणितज्ञों को उनके काम के लिए फील्ड मेडल दिया जाता है। प्रत्येक विजेता को 15,000 कैनेडियन डॉलर का नकद पुरस्कार भी प्राप्त होता है।इस पुरस्कार की शुरुआत कनाड़ा के गणितज्ञ जॉन चार्ल्स फील्ड के अनुरोध पर साल 1932 में की गयी थी। उन्होंने वर्ष 1924 में टोरंटो गणित कांग्रेस में अहम भूमिका निभाई थी।इस साल के अन्य तीन विजेता कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कौचर बिरकर, जर्मनी के पीटर स्कॉलेज (जो बॉन विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं), और इतालियन गणितज्ञ एलेसियो फिगल्ली हैं।

फील्‍ड मेडल

  • फील्ड्स पदक, गणित के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक पुरस्कार हैं, जो 1936 से दिया जा रहा हैं।
  • इस पुरस्कार का नाम कनाडाई गणितज्ञ जॉन चार्ल्स फील्ड के सम्मान में रखा गया था।
  • फील्ड मेडल इंटरनेशनल मैथमैटिकल यूनियन (आईएमयू) की अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस में 40 साल से कम उम्र के दो, तीन, या चार गणितज्ञों को दिया जाने वाला एक पुरस्कार है, जो हर चार साल में एक बार दिया जाता है
  • फ़ील्ड मेडल को गणितज्ञ को उच्चतम सम्मान के रूप में माना जाता है, और इसे गणित के "नोबेल पुरस्कार" के रूप में माना जाता है।
  • पदक को पहली बार फिनिश गणितज्ञ लार्स अहल्फोर्स और अमेरिकी गणितज्ञ जेसी डगलस को 1936 में सम्मानित किया गया था, और इसे 1950 से हर चार साल में दिया जाता है।
  • इसका उद्देश्य युवा गणितीय शोधकर्ताओं को मान्यता और प्रोत्साहन देना है जिन्होंने गणित के क्षेत्र में प्रमुख योगदान दिया है।
  • 2014 में, मरियम मिर्जाखानी फ़ील्ड पदक जीतने वाली पहली ईरानी और पहली महिला बनीं।
  • कुल मिलाकर, साठ लोगों को फ़ील्ड पदक से सम्मानित किया गया है।

भारत के राष्‍ट्रपति ने वर्ष 2013-2017 के लिए उत्‍कृष्‍ट सांसद पुरस्‍कार प्रदान किए

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज पांच सांसदों को सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया। पार्लियामेंट हाउस के सेंट्रल हॉल में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ये सम्मान दिए गए। साल 2013 के लिए डॉ. नजमा हेपतुल्ला साल 2014 के लिए भाजपा के लोकसभा सांसद हुक्मदेव नारायण यादव, 2015 के लिए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद को, 2016 के लिए टीएमसी से लोकसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी को और 2017 के लिए बीजद सांसद भर्तृहरी महताब को पुरस्कार मिला है।

उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार: उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार वर्ष 1995 में शुरू किए गए थे. यह पुरस्कार अभी तक 18 सांसदों को प्राप्त हुआ है. आईपीजी द्वारा यह पुरस्कार पाने वाले पहले सदस्य समाजवादी जनता पार्टी के चंद्रशेखर थे. यह समूह भारत के अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) के रूप में भी कार्य करता है.

इससे पहले ‘उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार’ से सम्मानित सांसद: सांसद का नाम वर्ष

  • इंद्रजीत गुप्ता 1992
  • अटल बिहारी वाजपेयी 1994
  • प्रणव मुखर्जी 1997
  • लाल कृष्ण आडवाणी 1999
  • मनमोहन सिंह 2002
  • सुषमा स्वराज 2004
  • पी चिदंबरम 2005
  • मुरली मनोहर जोशी 2009
  • अरुण जेटली 2010
  • कर्ण सिंह 2011
  • शरद यादव 2012

निधन

जलीश शेरवानी,

जलीश शेरवानी, जिन्होंने दबंग, वांटेड और तेरे नाम जैसी कई फिल्मों के लिए गीत लिखे थे, का निधन हो गया है। वह 70 वर्ष के थे।संगम और लोफर के लिए संवाद लिखने के अलावा, शेरवानी ने पार्टनर, हैलो, गर्व और हैलो ब्रदर जैसी फिल्मों के लिए गीत भी लिखे।