Daily Current Affairs (Hindi) - 06.03.2018


राष्ट्रीय


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राष्ट्रीय वित्‍तीय सूचना प्राधिकरण

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय वित्‍तीय सूचना प्राधिकरण (एनएफआरए) की स्‍थापना और एनएफआरए के लिए अध्‍यक्ष के एक पद, पूर्णकालिक सदस्‍यों के तीन पदों व एनएफआरए के लिए सचिव का एक पद के प्रस्‍ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

  • लेखापरीक्षा घोटालों के दृष्‍टिगत विश्‍व में विभिन्‍न कार्य क्षेत्रों में महसूस की गई जरूरत के मद्देनजर एनएफआरए की स्‍थापना की जरूरत नहीं है, जिसका उद्देश्‍य इसका विनियमन कर रहे तंत्र से इतर स्‍वतंत्र विनियामकों को स्‍थापित करना और लेखापरीक्षा मानकों को लागू करना, लेखापरीक्षा की गुणवत्‍ता व लेखापरीक्षा फर्मों की स्‍वतंत्रता को सुदृढ़ बनाना है। अतएव, कंपनियों की वित्‍तीय स्‍थिति के प्रकटीकरण में निवेशक व सार्वजनिक तंत्र का विश्‍वास बढ़ाना है।
  • इस निर्णय का उद्देश्‍य लेखापरीक्षा के कार्य, जोकि कंपनी अधिनियम, 2013 द्वारा लाए गए परिवर्तनों में से एक है, इसके लिए एक स्‍वतंत्र विनियामक के रूप में एनएफआरए की स्‍थापना करना है। वित्‍त संबंधी स्‍थायी समिति की विशिष्‍ट सिफारिशों (उसकी 21वीं रिपोर्ट) में यह प्रावधान करना शामिल था।
  • इस निर्णय से विदेशी/देश में निवेश में सुधार, आर्थिक विकास में वृद्धि, अंतर्राष्‍ट्रीय पद्धतियों के अनुरूप कारोबार के वैश्‍वीकरण को अनुसमर्थन तथा लेखापरीक्षा व्‍यवसाय के सतत विकास में सहायता मिलेगी।
  • अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत सनदी लेखाकारों और उनकी फर्मों की जांच करने के लिए एनएफआरए का कार्यक्षेत्र सूचीबद्ध कंपनियों तथा वृहद गैर-सूचीबद्ध कंपनियों को कार्य क्षेत्र में लाना है, जोकि नियमों में निर्धारित अपेक्षा के अयोग्‍य है। केन्‍द्र सरकार ऐसे अन्‍य निकायों की जांच के लिए भी कह सकती है, जहां सार्वजनिक हित अंतर्विष्‍ट हो।
  • चाटर्ड अकांटेंट अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के अनुसार आईसीएआई की व्‍याप्‍त विनियामक भूमिका सामान्‍य रूप से उनके सदस्‍यों तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों से संबंधित लेखापरीक्षा के संबंध में विशेष रूप से जारी रहेंगी और थ्रेशहोल्‍ड सीमा से नीचे सार्वजनिक गैर-सूचीबद्ध कंपनियों को नियमों में अधिसूचित किया जाएगा।
  • गुणवत्‍ता पुनरीक्षा मंडल (क्‍यूआरबी) की प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों, निर्धारित थ्रेडहोल्‍ड से कम सार्वजिनक गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के संबंध में गुणवत्‍ता लेखापरीक्षा भी जारी रहने के साथ-साथ उन कंपनियों की लेखापरीक्षा के संबंध में भी एनएफआरए द्वारा क्‍यूआरबी को यह कार्य सौंपा जा सकता है।

आर्थिक


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भौगोलिक संकेतों के तहत अराकू कॉफी का पंजीकरण

कॉफी बोर्ड ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्‍तनम जिले में स्थित अराकू घाटी के जनजातीय समुदायों द्वारा विकसित की जाने वाली कॉफी की विशिष्‍ट पहचान के संरक्षण के लिए भौगोलिक संकेतों के तहत अराकू कॉफी के पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।इस आशय की जानकारी वाणिज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री सी.आर. चौधरी ने मार्च को लोकसभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

  • अराकू घाटी क्षेत्र में उत्‍पादित होने वाली अराबिका कॉफी एक उत्‍तम गुणवत्‍ता वाली विशेष कॉफी के रूप में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लोकप्रिय हो गई है। कॉफी बोर्ड ने देश में उत्‍पादित होने वाली विभिन्‍न कॉफी किस्‍मों के लिए उनकी भौगेलिक विशिष्‍टता के आधार पर विशेष लोगो विकसित किए हैं।
  • केंद्र सरकार कॉफी बोर्ड के जरिए ‘एकीकृत कॉफी विकास परियोजना’क्रियान्वित कर अराकू घाटी में कॉफी उत्‍पादन को बढ़ावा दे रही है। इस योजना में पुनर्रोपण एवं विस्तार, जल संचयन एवं सिंचाई बुनियादी ढांचे का निर्माण और कॉफी एस्टेट के परिचालन के मशीनीकरण के लिए वित्‍तीय सहायता प्रदान करना शामिल है।
  • इसके अलावा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन और संबंधित क्षेत्रों में प्रदर्शन के लिए तकनीकी सहायता भी दी जाती है। एसएचजी और उत्‍पादक समूहों के लिए प्रति किलोग्राम 10 रुपये का प्रोत्‍साहन देकर कॉफी बोर्ड अराकू कॉफी के सामूहिक विपणन को सुविधाजनक बना रहा है।
  • कॉफी बोर्ड हर साल आयोजित की जाने वाली ‘फ्लेवर ऑफ इंडिया-द फाइन कप अवार्ड’ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कॉफी उत्‍पादकों को प्रोत्‍साहित करता है। इस प्रतियोगिता का आयोजन कॉफी बोर्ड द्वारा किया जाता है।

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फिनटेक संबंधी नियम हेतु समिति का गठन

केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली द्वारा अपने बजट भाषण 2018-19 में की गई घोषणा को ध्‍यान में रखते हुए वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) में सचिव की अध्‍यक्षता में एक संचालन समिति का गठन किया गया है।

इसके पीछे मुख्‍य उद्देश्‍य भारत में फिनटेक क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्‍न मुद्दों पर विचार करना है, ताकि फिनटेक संबंधी नियम-कायदों को और ज्‍यादा लचीला बनाया जा सके तथा एक ऐसे क्षेत्र में और ज्‍यादा उद्यमियता सृजित की जा सके, जिसमें भारत को अन्‍य उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं के मुकाबले विशिष्‍ट बढ़त हासिल है। संचालन समिति इस बात पर भी फोकस करेगी कि एमएसएमई का वित्‍तीय समावेश बढ़ाने के लिए किस तरह से फिनटेक का उपयोग किया जा सकता है।

संचालन समिति के विचारार्थ विषय निम्‍नलिखित होंगे :

  • विश्‍व स्‍तर के साथ-साथ भारत में भी फिनटेक क्षेत्र में हुए घटनाक्रमों को ध्‍यान में रखना और मौजूदा स्थिति के बारे में एक सामान्‍य साझा समझ विकसित करना।
  • उन विभिन्‍न निकायों की नियामकीय व्‍यवस्‍था का सूक्ष्‍म विश्‍लेषण करना, जिन्‍होंने भारत में फिनटेक के विकास पर असर डाला है।
  • इस बात पर विचार करना कि किस तरह से अर्थव्‍यवस्‍था के विभिन्‍न क्षेत्रों विशेषकर एमएसएमई के वित्‍त पोषण, किफायती आवास, कमजोर तबकों को ई-सेवाएं मुहैया कराने, भूमि रिकॉर्ड के प्रबंधन एवं अन्‍य सरकार सेवाओं का प्रावधान करने, डिजिटल भुगतान तक पहुंच एवं इसे अपनाने और इन क्षेत्रों में हुए घटनाक्रमों का अध्‍ययन करने में फिनटेक का उपयोग किया जा सकता है।
  • नियामकीय उपाय यथा नियामकीय सैंडबॉक्‍स मॉडल विकसित करना, जो विशेष कदमों के लिए चिन्हित क्षेत्रों में फिनटेक की भूमिका को बढ़ा देगा।
  • फिनटेक क्षेत्र में ‘कारोबार में सुगमता’ को बढ़ावा देना।
  • विशिष्‍ट उद्यम पहचान संख्‍या के सृजन एवं उपयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए यूआईडीएआई जैसी सरकारी एजेंसियों के साथ काम करना।
  • विभिन्‍न देशों जैसे सिंगापुर, ब्रिटेन, चीन इत्‍यादि के साथ फिनटेक में अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग के अवसरों पर विचार करना।

अंतर्राष्ट्रीय


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चीन के रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी

चीन द्वारा इस साल रक्षा बजट में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि करके 175 अरब डॉलर किये जाने की घोषणा की गयी है । यह भारत के रक्षा बजट का करीब चार गुना है। भारत का रक्षा बजट करीब 46 अरब डॉलर का है।

  • चीन के रक्षा बजट में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि पिछले साल की तुलना में अधिक है।
  • पिछले साल चीन ने खर्च में सात प्रतिशत की वृद्धि की थी । 2018 का रक्षा बजट 1110 अरब युआन (175 अरब डॉलर) होगा।
  • उल्लेखनीय है कि पिछले साल चीन ने रक्षा खर्च को बढ़ाकर 150.5 अरब डॉलर किया था।
  • चीन, अमेरिका के बाद रक्षा क्षेत्र पर खर्च करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

रक्षा


डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी

http://www.iasexamcentre.com/community/images/DEFExpo.jpgडेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी पहली बार विश्व के सामने भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित करेगी। यह प्रदर्शनी के टेग लाइन में परिलक्षित है जो ‘भारत: एक उभरता रक्षा विनिर्माण हब‘ है। डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी भारत की सभी तीन सेनाओं -थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना की कई रक्षा प्रणालियों एवं कंपोनेंट के एक रक्षा निर्यातक देश के रूप में ब्रांडिंग करेगी। यह प्रदर्शनी जहां भारत की उल्लेखनीय सार्वजनिक क्षेत्र की ताकतों को प्रदर्शित करेगी, वहीं यह भारत के बढ़ते निजी क्षेत्र उद्योग को भी सामने लाएगी तथा कंपोनेंट एवं सब-सिस्टम्स के लिए एमएसएमई आधार को विस्तारित करेगी।

  • डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को विभिन्न फ्लाइंग प्लेटफॉर्म के रूप में प्रदर्शित करेगी। हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्लेटफॉर्म के अतिरिक्त, यह प्रदर्शनी घरेलू निजी उद्योग एवं एयरो-कंपोनेंट उद्योग को भी बढ़ावा देगी।
  • डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी का आयोजन समुद्र के तट चेन्नई से महाबलीपुरम के रास्ते पूर्वी तट पर किया जा रहा है, यह भारतीय नौसेना को अपने घरेलू डिजाइन एवं विनिर्माण क्षमताओं को भी प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी। भारत गर्वपूर्वक जहाज निर्माण में अपनी नौसैनिक डिजाइनिंग क्षमताओं को प्रस्तुत करेगा।
  • ज्हां तक भूमि प्रणालियों का प्रश्न है तो भारत डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी में अपनी 155 एमएम एडवांस्ड टाउड आर्टिलरी गन (एटीएजी) का अनावरण करेगा। यह पहली बार है कि भारत के पास अपनी खुद की एटीएजी है जिसकी डिजाइन एवं जिसका विकास कल्याणी ग्रुप, टाटा पावर एवं ओएफबी के सहयोग से डीआरडीओ द्वारा किया गया है।
  • भारत अपनी मिसाइल एवं रॉकेट विनिर्माण क्षमताओं का भी प्रदर्शन करेगा जिसमें सतह से वायु, वायु से वायु एवं समुद्र से वायु समेत सभी प्रकार के हमलों के लिए उपलब्ध ब्रह्मोस भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी का एक बड़ा आकर्षण आकाश मिसाइल सिस्टम भी होगा।
  • भारत को एक उभरते रक्षा उत्पादक हब के रूप में रेखांकित करने पर फोकस को देखते हुए डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी में कम से कम आधा स्थान घरेलू प्रदर्शकों के लिए निर्धारित किया गया है। यह डेफएक्सपो 2018 प्रदर्शनी को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने एवं रक्षा विनिर्माण की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ समेकित हसेने का अब तक का सबसे बढ़ा अवसर उपलब्ध कराएगा।
Hindi Exam Papers
SSC CPO 2017 Hindi Paper : दिल्ली पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्रण पुलिस बल (उप निरीक्षक और केन्द्रीय सहायक उप निरीक्षक परीक्षा 1 जुलाई 2017 शिफ्ट-1 (परिमाणात्मक अभिरुचि)
SSC CPO 2017 Hindi Paper : दिल्ली पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्रण पुलिस बल (उप निरीक्षक और केन्द्रीय सहायक उप निरीक्षक परीक्षा 1 जुलाई 2017 शिफ्ट-1 (सामान्य ज्ञान)
SSC CPO 2017 Hindi Paper : दिल्ली पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्रण पुलिस बल (उप निरीक्षक और केन्द्रीय सहायक उप निरीक्षक परीक्षा 2 जुलाई 2017 शिफ्ट-1 (अंग्रेजी परिज्ञान)
SSC CPO 2017 Hindi Paper : दिल्ली पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्रण पुलिस बल (उप निरीक्षक और केन्द्रीय सहायक उप निरीक्षक परीक्षा 2 जुलाई 2017 शिफ्ट-1 (सामान्य बुद्धि और तर्क)
SSC CPO 2017 Hindi Paper : दिल्ली पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्रण पुलिस बल (उप निरीक्षक और केन्द्रीय सहायक उप निरीक्षक परीक्षा 2 जुलाई 2017 शिफ्ट-2 (मात्रात्मक रूझान)