Daily Current Affairs (Hindi) - 06.07.2018

राष्ट्रीय

प्रवासियों और स्‍वदेश वापसी करने वाले लोगों के राहत और पुनर्वास की वृहत योजना को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रवासियों और स्‍वदेश वापसी करने वाले लोगों के राहत और पुनर्वास की वृहत योजना को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।प्रवासियों और स्‍वदेश वापसी करने वाले लोगों के राहत व पुनर्वासकी वृहत योजना के अंतर्गत गृह मंत्रालय की 8 वर्तमान योजनाओं को मार्च 2020 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है।

ये योजनाएं निम्‍न हैं :

  • पाक अधिकृत जम्‍मू कश्‍मीर (पीओजेके) से विस्‍थापित परिवारों तथा जम्‍मू कश्‍मीर राज्य में निवास कर रहे चांब के पुनर्वास के लिए एकमुश्‍त केंद्रीय सहायता।
  • सीमा भूमि समझौते के अंतर्गत भारत और बांग्‍लादेश के बीच रिहायशी इलाकों के हस्‍तांतरण के पश्‍चात बांग्‍लादेशी व कूच बिहार जिले के रिहायशी इलाकों में पुनर्वास पैकेज तथा अवसंरचना का उन्‍नयन।
  • तमिलनाडु और ओडिशा के कैंपों में रह रहे श्रीलंकाई शरणार्थियों को राहत सहायता।
  • तिब्‍बती शरणस्‍थलों में प्रशासनिक और सामाजिक कल्‍याण के परिव्‍यय के लिए पांच वर्षों तक केंद्रीय तिब्‍बती राहत समिति (सीटीआरसी) को वित्‍तीय सहायता।
  • त्रिपुरा के राहत कैंपों में रह रहे ब्रुस के रख-रखाव के लिए त्रिपुरा सरकार को वित्‍तीय सहायता।
  • त्रिपुरा के ब्रुस/रियांग परिवारों का मिजोरम में पुनर्वास।
  • 1984 के सिक्‍ख विरोधी दंगों के मृतकों के लिए राहत राशि को बढ़ा कर पांच लाख रुपये किया गया।
  • आतंक/जा‍तीय हिंसा से पीडि़त तथा सीमा पार से होने वाली फायरिंग से पीडि़त और खान/आईईडी विस्‍फोट के पीडि़तों की सहायता के लिए केंद्रीय योजना।

त्रिपुरा हवाई अड्डे का नाम बदलकर महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर हवाई अड्डा करने को मंत्रीमंडल की मंजूरी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने त्रिपुरा के अगरतला हवाई अड्डे का नाम बदलने की मंजूरी दी है। महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर को श्रृद्धांज हवाई अड्डा अगरतला हवाई अड्डे का नाम महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर हवाई अड्डा अगरतलाकरने की मंजूरी दी।यह फैसला त्रिपुरा के लोगों की काफी लंबे समय से चली आ रही मांग और त्रिपुरा सरकार द्वारा महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया है।

कौन हैं ? महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर

  • महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर 1923 में त्रिपुरा राज्‍य के राजा बने।
  • वे एक विद्वान और विन्रम शासक थे।
  • महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर द्वारा दान में दिये गये जमीन पर 1942 में अगरतला हवाई अड्डे का निर्माण किया गया।
  • एक दूर दृष्टि वाले शासक के रूप में महाराजा ने पूरे विश्‍व की यात्रा की और त्रिपुरा के सर्वांगीण विकास के लिए काम किए।
  • राजा के प्रयासों से अगरतला में एक एरोड्रोम का निर्माण हुआ।
  • महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर के प्रति सच्‍ची श्रद्धांजलि के रूप में सरकार ने यह निर्णय लिया है।

अंतर्राष्ट्रीय

भारत अंतर्राष्‍ट्रीय खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संघ 2018 की मेजबानी करेगा

IUFoST वर्ल्ड फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी कांग्रेस 2018 के 19वीं संस्करण का आयोजन 23 से 27 जुलाई 2018 को नवी मुंबई में होगा। IUFoST का अर्थ International Union of Food Science and Technology (खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्राष्ट्रीय संघ) है। 5-दिवसीय कार्यक्रम नवाचार, विनिमय विचारों और ड्राइव नीति के मुद्दों का आदान-प्रदान करने के लिए दुनिया भर के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, पेशेवरों, नीति निर्माताओं और उद्योग के नेताओं को एक साथ लाएगा। इसकी थीम 25 Billion Meals a Day by 2025 with Healthy, Nutritious, Safe and Diverse Foods’ है।IUFoST 2018 खाद्य विज्ञान, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि प्रौद्योगिकियों में हालिया प्रगति पर महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।

खेल

एरोन फिंच ने टी-20 में अब तक का उच्‍चतम व्‍यक्‍तिगत स्‍कोर बनाया

टी-20 क्रिकेट में एरॉन फिंच (172) द्वारा खेली गई अब तक सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी और एंड्रयू टाई (3/12) की शानदार गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान जिम्बाब्वे को 100 रन से हराकर टी-20 त्रिकोणीय सीरीज में लगातार दूसरी जीत दर्ज की. ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच में पाकिस्तान को पराजित किया था. फिंच ने 76 गेंदों पर 16 चौके और 10 छक्के लगाए. टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा पारी में बनाया गया यह सर्वोच्च स्कोर है. इससे पहले यह रिकॉर्ड फिंच के ही नाम था. फिंच ने 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ साउथैम्पटन में 156 रन की पारी खेली थी.'फिंच मैन ऑफ द मैच' चुने गए.

 

साइंस एण्ड टेक्नालजी

27 जुलाई को दिखेगा 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण

27 जुलाई को इस सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा. अधिकारियों ने बताया कि ग्रहण के दौरान चन्द्रमा करीब चार घंटे के लिए धरती की छाया में आ जाएगा. इस ग्रहण को कम से कम तीन महाद्वीपों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. दुबई एस्ट्रोनॉमी ग्रुप के अनुसार, यह ग्रहण सदी का सबसे लंबा ग्रहण होगा जो करीब एक घंटे 43 मिनट का होगा.इस दौरान 'ब्लड मून' दिखेगा.

क्‍या होता है ब्‍लड मून (Blood Moon)?

  • चंद्रग्रहण के दौरान चांद लाल दिखता है जिसे ब्लड मून अर्थात रक्तिम चांद कहा जाता है.
  • दरअसल, पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चांद जब धरती की छाया में रहता है तो इसकी आभा रक्तिम हो जाती है जिसे रक्तिम चंद्र या लाल चांद कहते हैं.
  • ऐसा तब होता है जब चांद पूरी तरह से धरती की आभा में ढक जाता है. ऐसे में भी सूरज की 'लाल' किरणें 'स्कैटर' होकर चांद तक पहुंचती है.

क्या आप जानते हैं?

  • चंद्रग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है।
  • ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों।
  • इस ज्यामितीय प्रतिबंध के कारण चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है।
  • चंद्रग्रहण का प्रकार एवं अवधि चंद्र आसंधियों के सापेक्ष चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं।

निधन

वी.ए. मोहाता

ओडिशा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वी.ए. मोहाता का नागपुर में निधन हो गया। मोहाता 28 सितंबर, 1994 से 25 अप्रैल, 1995 तक ओडिशा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने न्‍यायाधीश के रूप में भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, दीपक मिश्रा के नाम की भी सिफारिश की थी।