Daily Current Affairs (Hindi) - 06.08.2018

राष्ट्रीय

हिमाचल प्रदेश ने ‘शोर नहीं’ मोबाइल एप्‍लीकेशन लॉन्‍च किया

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य की राजधानी शिमला में ‘horn not ok’ जागरूकता अभियान और ”शोर नहीं’ (कोई शोर नहीं) मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। अभियान का उद्देश्य अनावश्यक उड़ाने वाले सींग के बारे में जागरूकता फैलाना है क्योंकि यह अनावश्यक शोर प्रदूषण पैदा करता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। अभियान का पहला चरण शिमला और मनाली में लॉन्च किया गया है।

‘शोर नहीं’ मोबाइल ऐप: मोबाइल एप्लिकेशन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), हिमाचल प्रदेश के सहयोग से पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की पहल है। ऐप आम जनता को शोर प्रदूषण के मामलों की रिपोर्ट करने में सक्षम करेगा। इसमें दो प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए सामान्य सार्वजनिक और अधिकारी हैं, जिनमें से एक को एक बार पासवर्ड (OTP) के साथ प्रमाणित किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को तुरंत संबंधित डिप्टी कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक, उप-मंडल मजिस्ट्रेट और उप-मंडल पुलिस अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा जो बाद में आवेदन पर किए गए कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ जवाब दे सकते हैं।

लक्ष्य - व्यर्थ शोर वायु प्रदूषण को रोकने के लिए
प्रमुख घटक:
यह वायुमंडल विज्ञान विभाग के डिवीजन की एक पहल है और राष्ट्रव्यापी सूचना विज्ञान केंद्र, हिमाचल प्रदेश के साथ संबद्धता में कैसे पता चलता है। ऐप ज्यादातर लोगों को शोर वायु प्रदूषण की परिस्थितियों की रिपोर्ट करने देगा। इसमें 2 प्रकार के ग्राहक होंगे: आम जनता और अधिकारी, जिनमें से प्रत्येक को एक बार पासवर्ड (OTP) के साथ प्रमाणित किया जा सकता है। शिकायतें शायद डिप्टी कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक, उप-मंडल न्याय और उप-मंडल पुलिस अधिकारी को वहां की जाएंगी।


सरकार ने 5 करोड़ गैस कनेक्‍शन वितरित किए

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि पिछले चार सालों में नौ करोड़ नए एलपीजी (लिक्विडीफाइड पेट्रोलियम गैस) कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिसमें से 3.5 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) के तहत प्रदान किए गए हैं. दिल्ली में पीएमयूवाई योजना को लांच करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री प्रधान ने कहा कि पिछले चार सालों में वितरित किए गए नौ करोड़ नए एलपीजी कनेक्शनों से देश भर में एलपीजी की पैठ आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ी है.सरकार का लक्ष्य 2020 तक नौ करोड़ बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों तक पहुंचने का है. इसमें सामाजिक-आर्थिक जाति सर्वेक्षण (एसईसीसी) से बाहर रहनेवाले गरीब परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिससे समाज का वृहत्तर हिस्सा सशक्त बनेगा.” इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, “योजना के उद्घाटन समारोह के दौरान बीपीएल परिवारों की करीब 400 महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए.” सरकार ने इस योजना को 2016 के मई में लांच किया था.उज्ज्वला योजना में पिछले 4 सालों में 9 करोड़ नए एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए जबकि 1955- 2014 के दौरान सिर्फ 13 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए थे. प्रधान ने उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन के मौजूदा लक्ष्य को 5 करोड़ से बढ़ाकर 2020 तक 8 करोड़ करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया.

 

व्यापार एवं अर्थव्यवस्था

मॉरीशस के एस.बी.एम ग्रुप को सहायक कंपनी के लिए आर.बी.आई की मंजूरी मिली

मारीशस के निवेशक रॉयल पार्टनर्स इनवेस्टमेंट फंड ने आज कहा कि उसने सहारा समूह की आंबी वैली परियोजना के लिये 1.67 अरब डालर 10,700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की पेशकश की है।कर्ज व्यवस्था प्रस्ताव के रूप में इस निवेश की पेशकश ऐसे समय में की गयी है जब उच्चतम न्यायालय ने आंबी वैली रिजार्ट शहर की नीलामी का आदेश दिया है। यह परियोजना महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे के बीच स्थित है। सहारा समूह ने अपनी इस परियोजना का बाजार मूल्यांकन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका है।मारीशस में वैकि व्यापार कंपनी के रूप में पंजीकृत रॉयल पार्टनर्स इनवेस्टमेंट फंड लि. का स्वामित्व दुबई मुख्यालय वाले आपीएमजी इनवेस्टमेंट के पास है जो निवेश प्रबंधन, निजी इटिी, संपिा प्रबंधन आदि कार्य में लगी है। सहारा समूह के साथ प्रस्तावित सौदे के बारे में ई-मेल के जरिये पूछे गये सवाल के जवाब में आरपीएमजी इनवेस्टमेंट ने पीटीआई भाषा से कहा, जैसा कि सहारा ने उच्चतम न्यायालय के समक्ष कहा है, रॉयल पार्टनर्स इनवेस्टमेंट फंड लि. और उसकी लिमिटेड सहयोगियों ने आम्बी वैली परियोजना में 1.67 अरब डालर के निवेश पर सहमति जतायी है।
 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

दुनिया की पहली हिंदी बोलने वाली रोबोट ‘रश्‍मी’

झारखंड स्थित राजधानी रांची में रंजीत श्रीवास्तव नाम के शख्स ने रियलिस्टिक हुमेनाइड रोबोट बनाया है। ये उनके द्वारा बनाये गए पहले रोबोट का अपडेटेड वर्जन है। इस नाम रश्मि रखा गया है। मैनेजमेंट ग्रेजुएट रंजीत श्रीवास्तव का दावा है कि रश्मि दुनिया की पहली हिंदी बोलने वाली ह्यूमनॉयड रोबोट और भारत की पहली लिप सिंकिंग रोबोट है, जो हिंदी के साथ मराठी, भोजपुरी और इंग्लिश भाषा बोलती और समझ सकती है।रंजीत श्रीवास्तव ने बताया कि रश्मि को बनाने में उन्हें दो साल का वक्त लगा, जिसमें अब तक वह करीब 50 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि रश्मि की बॉडी का 80% हिस्सा बन चुका है। अब सिर्फ हाथ और पैर बाकी हैं। हालांकि, इसे पूरी तरह तैयार होने में एक महीना और लगेगा। रंजीत ने बताया गया कि अभी वह अपनी आंखों, होठों और पलकों को हिला लेती है। साथ ही गर्दन घुमाकर इशारे भी कर सकती है।रश्मि नाम के इस रोबोट में इमोशन है, गुस्सा है, ईगो है। रश्मि बिलकुल आम लोगों की तरह बात करती है। खास बात है कि रश्मि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहती है। और इसका फेवरेट एक्टर शाहरुख खान है।

रोबोट के बारे में जब भी हम कल्पना करते हैं तो दिमाग में रजनीकांत की फिल्म या फिर सऊदी अरब की नागरिकता प्राप्त कर चुकी सोफिया की तस्वीर दिमाग में उभर कर आती है। लेकिन भारत के छोटे से शहर रांची में रहने वाले रंजीत श्रीवास्तव ने रियलिस्टिक हुमेनाइड रोबोट बनाया है।दरअसल रश्मि से हर तरह के सवाल पूछ कर जानने की कोशिश की गई। लेकिन रश्मि के जवाब और उसके रिएक्शन ने यह बताया कि वो पूरी तरह तैयार हो रही है।

खेल

गगनजीत भुल्‍लर ने अपना पहला यूरोपीय टूर खिताब जीता

"भारत के Gaganjeet Bhullar ने अपना 10वां इंटरनेशनल खिताब जीतकर बढ़ाया देश का मान-सम्मान "भुल्लर ने देश के लिए जीता 10वां इंटरनेशनल खिताबभारतीय गोल्फर गगनजीत भुल्लर (Gaganjeet Bhullar) ने फिजी इंटरनेशनल में जीत के साथ अपना पहला यूरोपीय टूर खिताब हासिल किया है। भुल्लर ने अंतिम दौर में छह अंडर 66 के स्कोर के साथ खिताब पर कब्जा जमाया है। भुल्लर इसके साथ ही एशियाई टूर पर भारत के सबसे सफल खिलाड़ी बन गए है। वह ऑस्ट्रेलिया टूर पर जीत दर्ज करने वाले पहले भारतीय भी हैं। यह एशियाई टूर पर उनकी नौंवी जीत और कुल 10वां अंतरराष्ट्रीय खिताब है। भारत के गगनजीत भुल्लर ने चौथे और अंतिम राउंड में छह अंडर 66 का शानदार कार्ड खेलकर 970,000 डॉलर के फिजी इंटरनेशल गोल्फ टूर्नामेंट में खिताब जीत लिया जो यूरोपियन टूर में उनका पहला खिताब हैकपूरथला के Gaganjeet Bhullar इस खिताबी जीत के साथ ही एशियन टूर में नौ खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। 30 साल के Gaganjeet Bhullar (70-69-69-66) ने अंतिम राउंड में 5 बर्डी, एक ईगल और एक बोगी से 6 अंडर का कार्ड खेला हैं। उनका कुल स्कोर 14 अंडर 274 रहा।

भारत के अजितेश संधू संयुत 43वें स्थान पर रहे हैं।इस जीत के साथ भुल्लर, अर्जुन अटवाल, जीव मिल्खा सिंह, एसएसपी चौरसिया और अनिर्बान लाहिड़ी जैसे भारतीय गोल्फरों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने यूरोपीय टूर पर खिताब जीता है। फिजी इंटरनेशनल को एशिया, आस्ट्रेलेशिया और यूरोपीय टूर से मान्यता मिली है। इस जीत से Gaganjeet Bhullar को 2019 के अंत तक इन तीनों टूर की प्रतियोगिताओं में खेलने का मौका मिलेगा।