Daily Current Affairs (Hindi) - 07.03.2018


राष्ट्रीय


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भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018

मंत्रिमंडल ने संसद में भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 को रखने के वित्‍त मंत्रालय के प्रस्‍ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। इस विधेयक में भारतीय न्‍यायालयों के कार्यक्षेत्र से बाहर रहकर भारतीय कानूनी प्रक्रिया से बचने वाले आर्थिक अपराधियों की प्रवृत्‍ति को रोकने के लिए कड़े उपाय करने में मदद मिलेगी।ऐसे अपराधों में कुल 100 करोड़ रुपए अथवा अधिक मूल्‍य के ऐसे अपराध इस विधेयक के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आएंगे।

इस विधेयक से भगौड़ा आर्थिक अपराधियों के संबंध में कानून के राज की पुनर्स्‍थापना होने की संभावना है क्‍योंकि इससे उन्‍हें भारत वापस आने के लिए बाध्‍य किया जाएगा और वे सूचीबद्ध अपराधों का कानूनी सामना करने के लिए बाध्‍य होंगे। इससे ऐसे भगौड़ा आर्थिक अपराधियों द्वारा की गई वित्‍तीय चूकों में अंतर्विष्‍ट रकम की उच्‍चतर वसूल करने में बैकों व अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थओं को भी मदद मिलेगी और ऐसी संस्‍थाओं की वित्तीय स्‍थिति में सुधार होगा|

विधेयक के मुख्य प्रावधान:

  • किसी व्‍यक्‍ति के भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने पर विशेष न्‍यायालय के समक्ष आवेदन करना
  • अपराध के जरिए भगौड़ा आर्थिक के रूप में घोषित व्‍यक्‍ति की संपत्‍ति को जब्‍त करना
  • भगौड़ा आर्थिक अपराधी होने के आरोपित व्‍यक्‍ति को विशेष न्‍यायालय द्वारा नोटिस जारी करना
  • अपराध के फलस्‍वरूप व्‍युतपन्‍न संपत्‍ति के चलते भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए गए व्‍यक्‍ति की संपत्‍ति को जब्‍त करना
  • ऐसे अपराधी की बेनामी संपत्‍ति सहित भारत और विदेशों में अन्‍य संपत्‍ति को जब्‍त करना
  • भगौड़े आर्थिक अपराधी को किसी सिविल दावे का बचाव करने से अपात्र बनाना, और अधिनियम के अंतर्गत जब्‍त की गई संपत्‍ति के प्रबंधन व निपटान के लिए एक प्रशासन की नियुक्‍ति की जाएगी।

हालाँकि ऐसे मामले में जहां किसी व्‍यक्‍ति के भगौड़ा घोषित होने के पूर्व किसी भी समय कार्यवाही की प्रक्रिया के समानांतर भगौड़ा आर्थिक अपराधी भारत लौट आता है और सक्षम न्‍यायालय के समक्ष पेश होता है, तो उस स्‍थिति में प्रस्‍तावित अधिनियम के अंतर्गत कनूनन कार्यवाही रोक दी जाएगी। सभी आवश्‍यक संवैधानिक रक्षा उपाय जैसे अधिवक्‍ता के माध्यम से व्‍यक्‍ति को सुनवाई का अवसर, उत्‍तर दाखिल करने के लिए समय प्रदान करना, उसे भारत अथवा विदेश में समन भिजवाना तथा उच्‍च न्‍यायालय में अपील करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, कानूनी प्रावधानों के अनुपालन में संपत्‍ति के प्रबंधन व निपटान के लिए प्रशासन की नियुक्‍ति का भी प्रावधान किया गया है।

वर्तमान कानूनों में व्‍याप्‍त कमियों को दूर करने के लिए व भारतीय न्‍यायलों के कार्यक्षेत्र से बाहर रहकर भारतीय कानूनों की प्रक्रिया से बचने वाले आर्थिक अपराधियों की प्रवृत्‍ति के निरोधात्‍मक तय करने के दृष्‍टिगत, यह विधेयक प्रस्‍तावित किया जा रहा है। इस विधेयक में किसी व्‍यक्‍ति को भगौड़ा आर्थिक अपराधी के रूप में घोष्‍ज्ञित करने के लिए इस विधेयक में एक न्‍यायालय (धन-शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 के अंतर्गत विशेष न्‍यायालय) का प्रावधान किया गया है।

आर्थिक अपराधियों के ऐसे अनेक मामले घटित हुए हैं जहां भारतीय न्‍यायालयों को न्‍याय क्षेत्र से भागने, आपराधिक मामलों के शुरूआत की प्रत्‍याशा अथवा मामले अथवा आपराधिक कार्यवाही को लंबित करने के दौरान आर्थक अपराधी भाग निकला है। भारतीय न्‍यायालयों के ऐसे अपराधियों की अनुपस्‍थिति का कारण अनेक विषय परिस्‍थितियां उत्‍पन्‍न हुई हो, जैसे प्रथमत: इससे आपराधिक मामलों में जांच रूक सी जाती है, दूसरे, इससे न्‍यायालयों का मूल्‍यवान समय बर्बाद होता है, तीसरे, इससे भारत में कानून के राज का अवमूल्‍यन होता है।

इस संदर्भ के मद्देनजर, सरकार द्वारा बजट 2017-18 में यह घोषणा की गई थी कि सरकार विधायी संशोधन लाने अथवा जब तक ऐसे अपराधी समुचित विधि न्‍यायालय मंच के समक्ष समर्पण नहीं करता, ऐसे अपराधियों की संपत्‍ति को जब्‍त करने के लिए नया कानून तक लाया जाएगा।


आर्थिक


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प्रमुख फसलों के उत्पादन का दूसरा अग्रिम अनुमान

हाल ही में कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए प्रमुख फसलों के उत्पादन का दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया गया है।वर्ष 2017-18 के लिए दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 277.49 मिलियन टन तक होना अनुमानित है जो रिकॉर्ड उत्पादन है। यह वर्ष 2016-17 के दौरान विगत 275.11 मिलियन टन के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन की तुलना में 2.37 मिलियन टन अधिक है।मौजूदा वर्ष का उत्पादन भी विगत पांच वर्षों (2012-13 से 2016-17) के औसत खाद्यान्न उत्पादन की तुलना में 17.31 मिलियन टन अधिक है।

  • 2017-18 के दौरान चावल का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 111.01 मिलियन टन अनुमानित है।चावल का उत्पादन वर्ष 2016-17 के दौरान प्राप्त विगत 108.70 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 1.31 मिलियन टन अधित है।
  • गेंहू का उत्पादन 97.11 मिलियन टन अनुमानित है।जो वर्ष 2016-17 के दौरान प्राप्त विगत 98.51 मिलियन टन के रिकॉर्ड गेंहू उत्पादन की तुलना में 1.40 मिलियन टन कम है।मोटे अनाजों का उत्पादन 45.42 मिलियन टन अनुमानित है।
  • मौजूदा वर्ष का उत्पादन वर्ष 2016-17 दौरान उत्पन्न 43.77 मिलियन टन की 1.65 मिलियन टन अधिक है।दलहनों का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 23.95 मिलियन टन तक अनुमानित है।जो विगत वर्ष के दौरान प्राप्त 23.13 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 0.82 मिलियन टन अधिक है।
  • तिलहनों का कुल उत्पादन 29.88 मिलियन टन अनुमानित है।जो वर्ष 2016-17 के दौरान प्राप्त 31.28 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 1.39 मिलियन टन कम है।
  • गन्ने का उत्पादन 353.263 मिलियन टन अनुमानित है।यह वर्ष 2016-17 की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से 47.16 मिलियन टन अधिक है।
  • कपास का उत्पादन 33.92 मिलियन गांठे (प्रति 770 किलोग्राम की) अनुमानित है। जो विगत वर्ष के 32.58 मिलियन गांठों के उत्पादन की तुलना में 0.41 मिलियन अधिक है।

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फिक्की फ्रेम्स 2018

  • 5-7 मार्च, 2018 के दौरान मीडिया और मनोरंजन उद्योग का वार्षिक सम्मेलन ‘फिक्की फ्रेम्स’का आयोजन ग्रैंड हयात, मुंबई में किया गया |
  • केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
  • ‘फिक्की फ्रेम्स’ मनोरंजन क्षेत्र के उद्योग के लगभग सभी महत्वपूर्ण धारकों को आकर्षित करने का अग्रणी व्यापार सम्मेलन है।यह एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा सम्मेलन है।

रक्षा


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नाग मिसाइल का सफल परीक्षण

  • हाल ही में भारत ने स्वदेश निर्मित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण किया।यह परीक्षण राजस्थान के मरुस्थल में अलग-अलग रेंज और समय में दो टैंकों पर सफलतापूर्वक किया गया।इसके साथ ही मिसाइल के विकासशील परीक्षण पूरे हो गए हैं।इसे अब यह तैनात किया जा सकेगा|
  • नाग मिसाइल ‘दागो और भूल जाओ’ श्रेणी की तीसरी पीढ़ी की मिसाइल है जो कि एडवांस्ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है।यह उन पांच मिसाइल प्रणालियों में से एक है, जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत विकसित की गई है।इस कार्यक्रम के तहत विकसित अन्य चार मिसाइलें क्रमशः ‘अग्नि’, ‘आकाश’, ‘त्रिशूल’ और ‘पृथ्वी’ हैं।