Daily Current Affairs (Hindi) - 07.08.2018

राष्ट्रीय

भौगोलिक संकेतों के लिए लोगो और टैगलाइन लॉन्‍च किए गए

वस्तु एवं उत्पाद से जुड़े स्थान विशेष के महत्व को दर्शाने के लिए बने भौगोलिक संकेत (जीआई टैग) (उदाहरण : दार्जिलिंग-चाय) से जुड़े लोगो तथा टैग-लाइन व स्लोगन तैयार करने के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के तत्वाधान में बौद्धिक संपदा अधिकार संवर्धन औऱ प्रबंधन सेल (सीआईपीएएम) ने ‘माय-गोव’ वेबसाइट पर भारत के भौगोलिक संकेतों के लिए बुधवार को यह प्रतियोगिता लॉन्च की है। कृषि, प्राकृतिक या तैयार किए गए उत्पाद (दस्तकारी तथा औद्योगिक वस्तुएं) का किसी क्षेत्र विशेष की पहचान बन जाना भौगोलिक संकेत माना जाता है। यह उस स्थान की विलक्षणता को दर्शाता है और गुणवत्ता का आश्वासन देता है।

पंजीकृत भारतीय संकेतों के कुछ उदाहरण हैं – दार्जिलिंग-चाय, तिरुपति-लड्डू, कांगड़ा-पेंटिंग, नागपुर-संतरा, कश्मीर-पाश्मीना आदि। मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘भौगोलिक संकेत न केवल हमारी समृद्ध संस्कृति और सामूहिक बौद्धिक विरासत का हिस्सा हैं बल्कि हमारे किसानों, बुनकरों, दस्तकारों, हस्तशिल्पियों की आय के साधन भी। भारत सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप भौगोलिक संकेत का संवर्धन करना है और इसकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।’’ मार्क व लोगो और टैग-लाइन व स्लोगन का इस्तेमाल सभी श्रेणियों के पंजीकृत भौगोलिक संकेतकों की पहचान में किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक लोग भौगोलिक संकेत से जुड़ेंगे औऱ भौगोलिक संकेत टैग का लाभ उठाएंगे। प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 17 नवम्बर है। भौगोलिक संकेत के लिए लोगो डिजाइन तथा स्लोगन में प्रत्येक के लिए 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार विजेता प्रविष्टि को दिया जाएगा। “डिजाइन, लोगो एंड सजेस्ट ए टैग-लाइन कॉम्पिटीशन” का विस्तृत ब्यौरा ‘माय-गोव’ से हासिल किया जा सकता है।
 


लोकसभा ने राष्‍ट्रीय खेल विश्‍वविद्यालय विधेयक पारित किया

लोक सभा ने राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय बिल, 2018 को ध्वनि मत से पारित किया। इस बिल के अनुसार मणिपुर के इम्फाल (पश्चिम) में देश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इस विश्वविद्यालय में खेल संबधी शिक्षा, अनुसंधान व कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। यह बिल मई 2018 में राष्ट्रपति द्वारा लागू किये गए राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अध्यादेश, 2018 का स्थान लेगा।

राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय बिल, 2018
इस बिल के तहत मणिपुर में राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके तहत खेल विज्ञान, खेल तकनीक, खेल प्रबंधन तथा कोचिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जायेगा। यह विश्वविद्यालय डिग्री, डिप्लोमा ततः सर्टिफिकेट जारी कर सकता है। इस बिल के द्वारा सरकार देश के अन्य हिस्सों में स्पोर्ट्स कैंपस तथा अध्ययन केंद्र स्थापित कर सकती है।

विश्वविद्यालय के उद्देश्य

  • शारीरिक शिक्षा व खेल विज्ञान के क्षेत्र में शोध व विकास को बढ़ावा।
  • शारीरिक शिक्षा व खेल प्रशिक्षण प्रोगाम को मज़बूत बनाना।
  • विभिन्न स्तरों पर प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल व क्षमता का विकास करना।
  • प्रतिभाशाली खिलाडियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना।

विधेयक से संबंधित मुख्य तथ्य:

  • राष्‍ट्रीय खेल विश्‍वविद्यालय का मुख्यालय मणिपुर में होगा.
  • राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहला पूर्ण विकसित खेलकूद विश्वविद्यालय
  • इस विधेयक में देश के विभिन्‍न राज्‍यों के अलावा विदेश में खेलों के अलग-अलग परिसर बनाये जाने का प्रावधान है.
  • विश्‍वविद्यालय के कुलाधिपति और एकेडेमिक काउंसिल के सदस्‍य खेल क्षेत्र से होंगे.
  • विभिन्न राज्यों में वहां की सरकारों से चर्चा करके समुचित सुविधाएं एवं ज़मीन मिलने पर आउटलाइन केन्द्र खोले जाएंगे.
  • केंद्र सरकार विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा और निरीक्षण करेगी. कार्यकारी परिषद निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई कर सकती है.
  • विश्वविद्यालय में विदेशी प्रशिक्षकों को भी बुलाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को उनके अनुभव का लाभ मिल सके.
  • विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान करेगा, खेल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करेगा, और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग करेगा.
  • मणिपुर में स्थापित होने वाले विश्वविद्यालय में बतौर कुलाधिपति और शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठित खिलाड़ियों को नियुक्त किया जाएगा.
  • विश्वविद्यालय देशभर में और भारत से बाहर भी दूरस्थ परिसर स्थापित करने के लिए सशक्त होगा.

इसमें शैक्षणिक कार्यक्रमों और अनुसंधान के अतिरिक्त विश्वविद्यालयों एवं इसके दूरस्थ कैंपस उत्कृष्ट खिलाड़ियों, खेलकूद पदधारियों, रेफरियों और अम्पायरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. मणिपुर में राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है जो खेलकूद की विभिन्न विधाओं के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करने के साथ खेलकूद विज्ञान, खेलकूद प्रौद्योगिकी, खेलकूद प्रबंधन, खेलकूद प्रशिक्षण तथा खेलकूद अनुसंधान के लिए काम करेगा. इस विश्वविद्यालय के देशभर में ‘दूरस्थ परिसर’ (आउटलाइंग कैंपस) खोले जाएंगे जो एनएसयू के उद्देश्य को हासिल करने में मददग़ार होंगे.
 

व्यापार एवं अर्थव्यवस्था

 

नाबार्ड ने हरियाणा में जल परियोजनाओं के लिए 772 करोड़ रुपये की मंजूरी दी

हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में आठ जल परियोजनाओं के लिए नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) ने 722 करोड़ रूपये जारी किये हैं।प्रदेश सरकार के मंत्री बनवारी लाल ने इसकी जानकारी दी है।मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि इन परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है. जो 256 गांवों और 72 बस्तियों को पानी की आपूर्ति करेगा है. राज्य सरकार ने वित्तीय सहायता के लिए नाबार्ड को 236.85 करोड़ रुपये की लागत के तीन और परियोजना प्रस्ताव भेजे हैं.मंत्री बनवारी लाल ने बताया कि दूसरे प्रस्ताव का लक्ष्य प्रदेश के 109 गांवों और बस्तियों में जलापूर्ति का है। राज्य सरकार को शहरी क्षेत्रों में सीवरेज प्रणाली का आधुनिकीकरण करने के लिए राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड से वित्‍तीय सहायता मिल रही थी।

खेल

पी.वी. सिंधु ने विश्‍व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2018 में रजत पदक जीता

भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने शुक्रवार को एक रोमांचक मुकाबले में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-17, 21-19 से हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे पायदान पर मौजूद सिंधु और ओकुहारा के बीच यह मुकाबला 58 मिनट तक चला. पिछले साल विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के फाइनल में सिंधु को ओकुहारा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार वह जीत हासिल करने में कामयाब रही सिंधु ने साल 2013 और 2014 में इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक भी अपने नाम किया था.

निधन

राजन नंदा

एस्कॉर्ट्स समूह के अध्यक्ष राजन नंदा का 5 अगस्त को 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। एस्कॉर्ट्स समूह एक भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी है जो कृषि मशीनरी, निर्माण और सामग्री हैंडलिंग उपकरण, और रेलवे उपकरण के क्षेत्रों में काम करती है।