Daily Current Affairs (Hindi) - 08.08.2018

Science & Technology

चीन ने पहले हाइपरसॉनिक विमान का सफल परीक्षण किया

चीन ने अपने पहले मिसाइल भेदी हाइपरसोनिक विमान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह विमान परमाणु हथियारों को ले जा सकता है और अपनी तेज रफ्तार व प्रक्षेपण से मौजूदा पीढ़ी की किसी मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेद सकता है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक शुक्रवार को उत्तरपश्चिम चीन में स्थित एक लक्षित सीमा में इस शिंगकांग-2 या स्टारी स्काई-2 का परीक्षण किया गया। यह विमान स्वतंत्र रूप से उड़ा और योजना के अनुसार लक्षित क्षेत्र में उतरा। इसे एक रॉकेट से लांच किया गया और करीब 10 मिनट बाद हवा में छोड़ा गया।

शिंगकोंग-2 की विशेषता
हाइपरसॉनिक विमान का डिजाइन सीएएए ने चाइना एयरोस्पेस साइंस ऐंड टेक्नोलोजी कारपोरेशन के साथ गठबंधन करके तैयार किया है.
यह चीन का पहला हाइपरसोनिक विमान है. परीक्षण के दौरान विमान ने ध्वनि की गति से छह गुना ज्यादा 4,563 मील (7,344 किमी/घंटा) की रफ़्तार हासिल की.
चीन इस प्रकार का विमान बनाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है जबकि अमेरिका ने वर्ष 2023 तक इस प्रकार का विमान विकसित किये जाने की घोषणा की है.

क्या होता है?हाइपरसॉनिक विमान

  • हाइपरसॉनिक एयरक्राफ्ट उन विमानों को कहते हैं जो ध्वनि के वेग से भी अधिक वेग से उड़ सकते हैं।
  • ऐसे विमानों का विकास 21वीं सदी में हो रहा है।
  • इनका उपयोग प्रायः अनुसंधान एवं सैनिक उपयोग के लिये तय किया गया है।
  • 1यह लड़ाकू विमान ध्वनि के वेग के 5 गुना से भी अधिक वेग से उड़ते हैं।

Sports

 

नीदरलैंड ने महिला हॉकी विश्‍व कप 2018 जीता

महिला हॉकी विश्वकप 2018 के 14 वें संस्करण में मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड ने 5 अगस्त को लंदन में शिखर सम्मेलन में आयरलैंड पर 6-0 की जीत दर्ज की और सभी 32 मैचों में जीत दर्ज की। नीदरलैंड ने यह खिताब 8वीं बार जीता है। किट्टी वैन मेल ने टूर्नामेंट को 8 गोल के साथ शीर्ष स्कोरर के रूप में समाप्त किया। स्पेन ने अपना पहला विश्वकप पदक जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराकर तीसरा स्थान जीता। भारत ने 8 वें स्थान पर टूर्नामेंट पूरा किया।

Exercise

भारत-थाईलैंड संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास मैत्री-2018 थाईलैंड में शुरु

आतंक के खिलाफ भारतीय सेना और रॉयल थाई आर्मी ने थाईलैंड के चाचोएंगसाओ प्रॉविन्स में युद्धाभ्यास शुरु कर दिया है। इस युद्धाभ्यास को मिशन मैत्री 2018 का नाम दिया गया है। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार संयुक्त युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए 45 सदस्यीय कंटिनजेंट थाईलैंड गए है। युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के सेनाओं को काउंटर इंसरजेंसी एंड काउंटर टेररिज्म इन अर्बन एंड रूरल एनवायरनमेंट पर संयुक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस संयुक्त प्रशिक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानकों के तहत कार्यक्रम तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान इंडियन कंटिनजेंट की तत्परता का जनरल आकलन कमांडिंग ऑफिसर करेंगे। चौदह दिवसीय संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण मैत्री-2018 में थाईलैंड आर्मी के 50 से अधिक सैनिक हिस्सा लेंगे। इसमे एक जनरल, 6 अधिकारी और दो पर्यवेक्षक सहित 39 जवानों के भाग लेंगे।

पखवारे भर चलने वाले इस अभ्यास का उद्देश्य भारतीय सेना और रॉयल थाईलैंड सेना के बीच समन्वय स्थापित करना और अपनी योग्यता का आदान-प्रदान करना है। इससे पहले संयुक्त सैन्य अभ्यास 2017 में चंबा के बकलोह के छावनी क्षेत्र में शुरू में हुआ था। भारत और थाईलैंड के रिश्तों की कड़ी में यह साझा सैन्य अभ्यास एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता रहा है। इस सैन्य अभ्यास को इस तरीके से आयोजित किया गया है कि दोनों देशों के सैनिक आपात स्थिति से निपटने और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में किए जाने वाले ऑपरेशन से परिचित हो सकें। इस दौरान एक-दूसरे से तालमेल और तकनीकी सूझ-बूझ के बारे में जान समझ सकें।

Death

एम. करुणानिधि

तमिलनाडु की राजनीति के पितामह, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सुप्रीमो एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मुत्तुवेल करुणानिधि का यहां कावेरी अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे और उन्होंने शाम छह बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली।तमिलनाडु की राजनीति के सबसे करिश्माई नेताओं में गिने जाने वाले करुणानिधि पांच बार मुख्यमंत्री रहे। उनके परिवार में उनकी दो पत्नियां और छह बच्चे हैं। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन उनके बेटे हैं। उनकी बेटी कनीमोरी राज्यसभा की सदस्य हैं।

करणानिधि से संबधित मुख्य तथ्य

  • दक्षिण भारत की कम से कम 50 फिल्मों की कहानियां तथा संवाद लिखने वाले करुणानिधि की पहचान एक ऐसे राजनीतिज्ञ के तौर पर थी जिसने अपनी लेखनी से तमिलनाडु की तक़दीर लिखी.
  • तेज़ तर्रार, बेहद मुखर करुणानिधि ने जब द्रविड़ राज्य की कमान संभाली तो उन्होंने कई दशक तक रूपहले पर्दे पर अपने साथी रहे एमजी रामचंद्रन तथा जे. जयललिता को राजनीति में पछाड़ दिया.
  • उनके अंदर कला तथा राजनीति का यह मिश्रण शायद थलैवर (नेता) और कलैग्नार (कलाकार) जैसे उन संबोधनों से आया जिससे उनके प्रशंसक उन्हें पुकारते थे.
  • 13 बार विधानसभा सदस्य रहे करणानिधि के नाम हर चुनाव में अपनी सीट न हारने का रिकॉर्ड भी रहा।
  • 92 साल की उम्र में 2016 में वह 13वीं बार चुने गए थे।
  • उन्होंने 1969 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था।
  • 2006 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने थे।
  • द्रमुक अध्यक्ष पद पर भी वह 1969 से बने रहे।
  • करुणानिधि का राजनीति प्रभाव केवल उनके राज्य तक ही सीमित नहीं था.

उनकी ताकत की धमक राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सत्ता के गलियारों तक थी और इसी के बल पर उन्होंने कभी कांग्रेस के साथ तो कभी भाजपा के साथ गठबंधन करके उसे सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.