Daily Current Affairs (Hindi) - 27.07.2018

National

पश्‍चिम बंगाल विधानसभा ने राज्‍य का नाम बदलकर ‘बांग्‍ला’ करने वाला प्रस्‍ताव पारित किया

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव आज पारित कर दिया। राज्य को इस प्रस्ताव पर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की अंतिम मंजूरी का इंतजार करना होगा।इस कदम का उद्देश्य राज्य के नामों की वर्णमाला के अनुक्रम में पश्चिम बंगाल को ऊपर लाना है । फिलहाल पश्चिम बंगाल सूची में आखिर में दिखाई देता है।प्रस्ताव के अनुसार , अब तीन भाषाओं … बंगाली , अंग्रेजी और हिन्दी में राज्य का नाम ‘ बांग्ला ’ होगा। इससे पूर्व केन्द्र ने राज्य सरकार के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिसमें बंगाली भाषा में राज्य का नाम बांग्ला , अंग्रेजी में बेंगाल और हिन्दी में बंगाल करने की बात कही गई थी।केन्द्र ने वर्ष 2011 में भी ममता बनर्जी सरकार के , राज्य का नाम बदलकर ‘‘ पश्चिम बंगो ’ किये जाने संबंधी प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 में राज्यों के निर्माण एवं पुनर्गठन के सम्बन्ध में प्रावधान दिए गए हैं.
  • इनके अनुसार संसद कानून बनाकर नए राज्य का निर्माण, किसी राज्य के क्षेत्र में विस्तार, किसी राज्य के क्षेत्र को घटाना, किसी राज्य की सीमाओं को बदल देना एवं किसी राज्य के नाम में परिवर्तन करने संबंधी मामलों में कदम उठा सकती है.
  • राज्य का विधानमंडल इस विषय में एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजता है.
  • इस प्रस्ताव पर राष्ट्रपति का अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होता है. अनुमोदन के उपरान्त केंद्र सरकार उस प्रस्ताव को पुनः सम्बंधित राज्य/राज्यों के विधानमंडल को अपना विचार रखने एवं एक निश्चित समय के अन्दर उसे संसद में प्रस्तुत करने के लिए कह सकती है.
  • संसद में बहुमत प्राप्त होने पर राज्य के नाम परिवर्तन पर अंतिम मुहर लग जाती है.

सितंबर को हर वर्ष राष्‍ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MOWCD) ने 24 जुलाई 2018 को नई दिल्ली में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की अध्यक्षता में पोशन अभियान के तहत भारत की पोषण चुनौतियों पर राष्ट्रीय परिषद की दूसरी बैठक आयोजित की है। इसमें, यह घोषित किया गया था कि सितंबर का महीना हर साल राष्ट्रीय पोषण माह (NNM) के रूप में मनाया जाएगा। बैठक के दौरान, राष्ट्रीय परिषद ने पोशन अभियान के तहत चालू वर्ष 2018-19 में 32 नए जिलों को शामिल करने के लिए अनुमोदित किया जिसके द्वारा यह यूटी के सभी जिलों को संतृप्त करेगा जो चरण -1 और चरण -2 के तहत शामिल किए जाएंगे। पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) 8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुनझुनू से देश भर में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, मां और बच्चों के लिए समग्र विकास और पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना है।

Summit

10वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2018 जोहान्सबर्ग में शुरू हुआ

25 जुलाई 2018 दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 10वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह 3 दिवसीय लंबा शिखर सम्मेलन है। इस शिखर सम्मेलन में सभी ब्रिक्स नेता शामिल हुए हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के उपरान्त भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अफ्रीका का तीन राष्ट्र दौरा समाप्त हो जायेगा। ब्रिक्स सम्मेलन के 10वें संस्करण का विषय रखा गया है- (‘BRICS in Africa: Collaboration for inclusive growth and shared prosperity in the 4th Industrial Revolution' )। 10वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस दक्षिण अफ्रीका कर रहा है।

भारत द्वारा उठाये गये प्रमुख मुद्दे:

  • भारतीय प्रधानमंत्री ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सीमापार से होने वाले आतंकवाद के मुद्दे को उठा सकते हैं.
  • भारतीय अधिकारी पहले ही अन्य ब्रिक्स सदस्यों के साथ मामला उठा चुके हैं.
  • विदेश मंत्रालय के आर्थिक संबंधों के सचिव टीएस त्रिमूर्ति के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी का मुद्दा भी उठाया जा सकता है.
  • भारत ने ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों की पहली बैठक के दौरान पांच सदस्यीय समूह की एक स्वतंत्र रेटिंग एजेंसी स्थापित करने के लिए ब्रिक्स राष्ट्रों पर दबाव बनाया था.
  • वर्ष 2016 में ब्रिक्स देश एक स्वतंत्र रेटिंग एजेंसी बनाने के लिए तैयार हो गये थे जिसे वैश्विक मुद्दों को सुलझाने के लिए वर्तमान सिद्धांतों पर बनाया जाना तय किया गया था.

B.R.I.C.S क्या है?

  • B.R.I.C.S की स्थापना की पहल 2006 में चार देशों - ब्राज़ील, रूस, भारत तथा चीन द्वारा की गयी थी.
  • इन्ही देशों नाम के पहले अक्षरों के आधार पर इसका B.R.I.C (ब्रिक) नाम रखा गया. बाद में 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल हों जाने के बाद इसका वर्तमान नाम B.R.I.C.S (ब्रिक्स) हो गया.
  • B.R.I.C.S अर्थात् Brazil, Russia, India, China तथा South Africa विश्व के ऐसे पांच देशो का संगठन है, जिन्हें विश्व की उभरती हुई आर्थिक शक्तियां की संज्ञा दी जाती है.
  • B.R.I.C.S देशो का पहला शिखर सम्मलेन 2009 में आयोजित किया गया था, लेकिन B.R.I.C.S की शुरुआत 2006 में हुई थी.
  • ब्रिक्स का विचार सबसे पहले वित्तीय सलाहकार कम्पनी गोल्डमेन सैक (Goldmen Sech) के अर्थशास्त्री जिम ओ नील ने 2003 में दिया था.
  • जिम ओ नील ने ब्रिक का विचार 2003 में प्रकाशित अपनी report "Dreaming with BRICS: The path to 2050" में दिया था. उनके अनुसार चार देशो- Brazil, Russia, India, China की विकास क्षमता इतनी अधिक है कि 2050 तक ये देश विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होगे.
  • वर्तमान में अमेरिका तथा यूरोपियन संघ की अर्थव्यवस्थाएं विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं है.

ब्रिक्स की स्थापना का उद्देश्य

  • ब्रिक्स की स्थापना का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्य देशों की सहायता करना है.
  • ये देश एक दूसरे के विकास के लिए वित्तीय, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक दूसरे की सहायता करते हैं.
  • ब्रिक्स देशों के पास खुद का एक बैंक भी है.
  • इस बैंक का नाम नवीन विकास बैंक है.
  • इसका कार्य सदस्यों देशों और अन्य देशों को कर्ज के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना है.
  • वर्तमान परिदृश्य में ब्रिक्स का महत्व
  • पिछले 10 वर्षों में उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए ब्रिक्स एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है.
  • ब्रिक्स सदस्य देशों में एशिया, अफ्रीका, यूरोप एवं अमेरिका के देश शामिल हैं एवं जी20 के देश शामिल हैं.
  • ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की जीडीपी का 22.53 फीसदी हिस्सा है.
  • विश्व का 18 प्रतिशत व्यापार यही देश करते हैं.
  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आंकड़ों के अनुसार पिछले 10 वर्षों ने इन देशों ने वैश्विक आर्थिक विकास में 50 प्रतिशत भागीदारी निभाई है.

Awards

भारत के भरत वटवानी, सोनम वांगचुक को मैग्‍सेसे अवॉर्ड 2018 के लिए चुना गया

मुंबई के डाक्टर भारत वाटवानी और लद्दाख में शिक्षा सुधार कार्यक्रम ऑपरेशन न्यू होप एवं श्रद्धा पुनर्वास फाउंडेशन के संस्थापक सोनम वांगचुक को वर्ष 2018 के रोमन मैग्सेसे अवार्ड के लिए चुना गया है। रोमन मैग्सेसे फाउंडेशन ने गुरुवार को अपने वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की और इन दोनों भारतीयों समेत छह लोगों को इस अवार्ड के लिए चुना। इन दोनों भारतीयों को इस प्रतिष्ठित अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। रोमन मैग्सेसे अवार्ड को एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है। योक चांग (कंबोडिया), मारिया डी लॉर्डेस मार्टिन्स क्रूज (पूर्व तिमोर), हावर्ड डी (फिलीपींस) और वो थी हॉन्‍ग येन रोम (वियतनाम) पुरस्कार के अन्य विजेता हैं।

क्या आप जानते है?

  • रमन मैग्सेसे पुरस्कार एशिया का सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है.
  • इसकी स्थापना 1957 में फिलीपिंस के तीसरे राष्ट्रपति की स्मृति में की गई थी और इस पुरस्कार का नाम उनके नाम पर रखा गया है.
  • यह पुरस्कार औपचारिक रूप से 31 अगस्त 2018 को फिलीपिंस के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा.
  • विजेता को पुरस्कार स्वरुप एक प्रमाण पत्र, मेडल एवं नगद पुरस्कार भी दिया जाता है.
  • यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने बिना स्वार्थ के समाज के लिए अभूतपूर्ण योगदान दिया हो.

Obituaries

स्वप्न सरकार

अनुभवी खेल पत्रकार स्वप्न सरकार (67 वर्षीय) का मधुमेह संबंधी समस्‍याओं के कारण निधन हो गया। वर्ष 1990 के दशक के मध्य में, वह आनंद बाजार पत्रिका (ए.बी.पी) के दिल्ली खेल संवाददाता भी थे।