Daily Current Affairs (Hindi) - 28.07.2018

राष्ट्रीय

मानव तस्करी रोकने संबंधी विधेयक लोकसभा में ध्वनिमत से पारित

लोकसभा ने मानव तस्करी रोकने तथा पीड़ितों के पुनर्वास संबंधी मानव तस्करी (निवारण, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक, 2018 को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि उन्होंने इस विधेयक में सभी पहलुओं को शामिल करने का प्रयास किया है। इसके बावजूद यदि कोई कमी होगी तो उसे क्रियान्वयन संबंधी नियमावली में जोड़ लिया जाएगा। इस विधेयक में तस्करी के शिकार हुए लोगों के लिए राहत तथा पुनर्वास की बात भी की गयी है, लेकिन आरंभ में इसके लिए महज़ 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विधेयक में पुलिस अधिकारी को मानव तस्करी के मामले पकड़ने पर मजिस्ट्रेट के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस अधिकारी को ही मजिस्ट्रेट के बराबर अधिकार दिए गए हैं इसलिए वह सीधे अपराधी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।

क्या है? मानव तस्करी : तस्‍करी के गंभीर रूपों में ज़बरदस्ती मज़दूरी कराना, भीख मंगवाना, समय से पहले यौन परिपक्‍वता के लिये किसी व्‍यक्ति को रासायनिक पदार्थ या हार्मोन देना, विवाह के लिये या विवाह के बहाने से या विवाह के बाद महिलाओं और बच्‍चों की तस्‍करी शामिल है। मानव तस्‍करी को बढ़ावा देने और तस्‍करी में सहायता के लिये जाली प्रमाण-पत्र बनाने, छापने और सरकारी एजेंसियों से मंजूरी तथा आवश्‍यक दस्‍तावेज़ प्राप्‍त करने के लिये जालसाज़ी करने वाले व्‍यक्ति के लिये सज़ा का प्रावधान है।

बिल के मुख्य बिंदु:

  • इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद भारत दक्षिण एशिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो जायेगा जिनमें व्यक्तियों - विशेषकर महिलाओं और बच्चों - की तस्करी तथा उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गये हैं.
  • इस बिल के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय तस्कर रोधी ब्यूरो का गठन किया जायेगा। इसमें पुलिस अफसर तथा आवश्यकतानुसार अन्य अफसर शामिल होंगे।
  • इस बिल के अनुसार राज्य द्वारा इसके लिए स्टेट नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी। यह अफसर राज्य में इस बिल के प्रावधानों के अनुसार काम करेगा।
  • इस बिल के द्वारा तीन स्तरों राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर तस्कर रोधी रहत व पुनर्वास समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति पीड़ितों को मुआवजा तथा समाज में उनके पुनर्वास के लिए कार्य करेगी।
  • इस बिल के अनुसार केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा पीड़ितों के लिए आश्रय, भोजन, काउंसलिंग तथा मेडिकल सेवा की व्यवस्था की जाएगी।
  • इस बिल के द्वारा मानव तस्करी को बढ़ावा देने, पीड़ित की पहचान ज़ाहिर करने, बंधुआ मजदूरी करवाने जैसे गंभीर अपराधों के लिए सजा का प्रावधान किया गया है। मानव तस्करी के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा न्यूनतम 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह पर भूमिगत झील की खोज की

मंगल पर पहली बार विशाल भूमिगत झील का पता चला है। इससे वहां अधिक पानी और यहां तक कि जीवन की उपस्थिति की संभावना पैदा हो गई है। अमेरिकी जर्नल 'साइंस' में प्रकाशित स्टडी में शोधकर्ताओं ने कहा है कि मंगल के हिम खंड के नीचे अवस्थित झील 20 किलोमीटर चौड़ी है। यह मंगल ग्रह पर पाई गई सबसे बड़ी वाटर बॉडी है। यह खोज यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर की मदद से की गई है। इस यान को 2003 में लॉन्च किया गया था।

मुख्य तथ्य:

  • यह बहता पानी बर्फीली सतह के करीब 1.5 किलोमीटर नीचे मौजूद है।
  • यह बेहद ठंडा है और इसमें भारी मात्रा में नमक तथा मिनरल मौजूद हैं।
  • इससे मंगल ग्रह पर अधिक पानी और यहां तक कि जीवन की उपस्थिति की संभावना पैदा हो गयी है.
  • यह मंगल ग्रह पर पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जल निकाय है.
  • शोधकर्ताओं ने मंगल पर अतीत और वर्तमान में जीवन की संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं. हालांकि क्षीण वायुमंडल की वजह से मंगल की जलवायु पहले के मुकाबले ठंडी हुई है जिससे परिणामस्वरूप यहां मौजूद जल बर्फ़ में बदल गया है.
  • इसका तापमान शुद्ध जल के हिमांक (जिस तापमान पर पानी बर्फ बन जाता है) से कम है, फिर भी मैग्नीशियम, कैल्शियम और सोडियम की उपस्थिति के कारण झील का पानी जमा नहीं है.

क्या है ऐस्ट्रोबायोलॉजी? - पानी की स्थिति ऐस्ट्रोबायोलॉजी में बेहद महत्वपूर्ण है. इस क्षेत्र में धरती के अलावा जीवन की संभावनाओं के बारे में अध्ययन किया जाता है.

खेल

हरियाणा की किशोरी ने माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की

हरियाणा के हिसार की रहने वाली 17 साल की शिवांगी पाठक ने छोटी से उम्र में एक और उपलब्धी हासिल की है। उन्होंने तीन दिन की मशक्कत के बाद 5,895 मीटर माउंट किलिमंजारो को फतह हासिल करने में सफलता हासिल की है। शिवांगी ने अपना यह सफर 21 जुलाई से शुरू किया था जो 24 जुलाई को खत्म हुआ। अफ्रीकी पहाड़ पर अपनी इस जीत के माध्यम से शिवांगी 'बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ' का संदेश देना चाहती हैं और बताना चाहती हैं कि अगर महिलाओं में इच्छाशक्ति हो तो वो कुछ भी हासिल कर सकती हैं।

'ईगल ऑफ द माउंटेन' के नाम से मशहूर शिवांगी ने कहा कि महिलाएं जो चाहें वो हासिल कर सकती हैं। शिवांगी ने इसी साल मई 2018 में माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकी हैं और इसी ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें 'ईगल ऑफ द माउंटेन' का तमगा मिला था। उनकी प्ररेणास्त्रोत अरुइमा सिन्हा हैं।

निधन

चियो मियाको

दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला चियो मियाको (117 वर्षीय) का 22 जुलाई, 2018 को टोक्यो के दक्षिण में अपने गृह राज्य में निधन हो गया। कानागावा सरकार ने उनकी मृत्यु की पुष्‍टि की। मियाको (2 मई, 1901) दक्षिणी जापान के किकाई द्वीप की नाबी ताजीमा की 117 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो जाने के बाद अप्रैल में दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला बनी थीं।